इस साल का बजट आते ही पूरे देश में उम्मीदों की नई लहर दौड़ गई। ₹12 लाख तक इनकम टैक्स फ्री सुनते ही आम आदमी ने सपनों की छुट्टियों और नई कार की प्लानिंग कर ली। लेकिन तभी इनकम स्लिप देखकर याद आया कि ₹12 लाख कमाने के लिए पहले बॉस को खुश करना पड़ेगा।
उधर, किसानों के लिए ₹5 लाख का केसीसी लोन सुनकर बंसी चाचा बोले, "पहले बैंक वाले हमारा खेत ढूंढने तो आ जाएं।" बिहार में मखाना बोर्ड की घोषणा होते ही मखाना प्रेमियों ने मखाना डे मनाने की मांग उठा दी।
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उड़ान योजना के तहत 120 नए डेस्टिनेशन जुड़ेंगे। हालांकि, एयरलाइंस वाले अभी तक ये तय नहीं कर पाए हैं कि फ्लाइट टाइम पर उड़ेगी या नहीं।
शिक्षा क्षेत्र में 6,500 आईआईटी सीटें बढ़ाने का ऐलान हुआ है। बच्चों ने खुशी-खुशी कहा, "अब शायद मम्मी-पापा को हमारी 85% मार्क्स वाली मार्कशीट देखकर हार्ट अटैक नहीं आएगा।"
2047 तक 100 गीगावॉट परमाणु बिजली का लक्ष्य भी रखा गया है। यानी जब हम बूढ़े हो जाएंगे, तब शायद लाइट कट की शिकायत कम हो जाएगी।
कुल मिलाकर यह बजट एक शानदार मेनू है, जिसमें हर वर्ग के लिए कुछ न कुछ जरूर है। बस देखना यह है कि ये डिश असली जिंदगी में कब सर्व होती है या फिर सिर्फ बजट बुकलेट तक ही रह जाती है।



