महाराष्ट्र चुनाव में इस बार भाजपा ने ऐसा बवंडर लाया कि विरोधी दल अपनी छतों की ईंटें संभालते रह गए। चुनावी मैदान में भाजपा ने न सिर्फ अपने खेल की बिसात बिछाई, बल्कि विरोधियों को ऐसा "गुगली" फेंका कि सभी आउट होते नजर आए।
चुनाव प्रचार से लेकर परिणाम तक, भाजपा का आत्मविश्वास ऐसा था जैसे वे पहले से जानते थे कि "विजयी भवः" का वरदान इन्हीं को मिलने वाला है।
विकास, हिंदुत्व, और मजबूत नेतृत्व का ऐसा मिक्सचर पेश किया कि जनता ने भी सोचा, "चलो, इनकी हवा के साथ बह लेते हैं।"
विपक्ष ने चाहे जितनी भी चालें चली हों, लेकिन भाजपा का बवंडर उनके हर मोहरे को उड़ा ले गया। नतीजों के बाद भाजपा ने जब बहुमत का झंडा लहराया, तो विरोधियों के पास कहने को कुछ बचा नहीं – बस एक ही सवाल था:
"आखिर इतनी तेज़ आंधी आई कैसे?"
भाजपा के जीत के बवंडर ने यह साबित कर दिया कि राजनीति में हवा बदलने का हुनर होना चाहिए। और महाराष्ट्र की जनता ने भी यह दिखा दिया कि उन्हें मजबूत नेतृत्व और साफ दृष्टि चाहिए – और इस बार, वो भाजपा में दिखा।
"जीत का यह बवंडर अब महाराष्ट्र के विकास के लिए स्थिर हवा में बदलेगा या नहीं, यह देखना दिलचस्प होगा!"



