महाकुंभ का पवित्र संगम अब सिर्फ साधु-संतों का ही ठिकाना नहीं रहा। यहां अब सेलिब्रिटीज़ और नेताओं की कतारें भी देखने को मिल रही हैं। त्रिवेणी में स्नान अब आत्मा की शुद्धि से ज्यादा मीडिया कवरेज और इंस्टाग्राम पोस्ट के लिए किया जा रहा है।
भौकालगुरु बड़े जोश और श्रद्धा से महाकुंभ नहाने पहुंचे थे। गंगा मैया की जय के नारे लगाते हुए सोच रहे थे कि त्रिवेणी में डुबकी लगाकर अपने सारे पाप धो लेंगे। लेकिन जब वहां पहुंचे तो नजारा ही कुछ और था। बॉलीवुड से लेकर देश की सबसे बड़ी पंचायत के लोग अपने लाव लश्कर के साथ चौड़ में नहा रहे हैं, फोटू खिंचवा रहे हैं।
छुट्टा सांड की तरह घूम रहे नए-नए यूट्यूबर अपने मोबाइल के साथ, खंबे पर सु-सु करते कुत्तों का भी विडियो बनाने में मस्त हैं। कुछ तो उससे भी पूछ ले रहे की , अरे ये कुक्कुर ! कैसा हैं व्यवस्था यहाँ का ?
जब घाट पर पैर रखने की जगह न मिली, तो भौकालगुरु ने सोचा, "गंगा स्नान बाद में, पहले नींद जरूरी है।" रैन बसेरे की ओर बढ़े, लेकिन वहां भी भौकाल ऐसा था कि जगह पाने के लिए जुगाड़ चाहिए था। बेचारे किसी तरह एक कोने में चादर डालकर सो गए।
सुबह त्रिवेणी के घाट पर हर तरफ सिर्फ वीवीआईपी स्नान की चमक-दमक थी। भौकालगुरु ने सिक्योरिटी वाले से पूछा, "भाईसाहब, हम कब नहा सकते हैं?" जवाब मिला, "साहब, अभी नेता जी की डुबकी चल रही है। इसके बाद एक्टर साहब आएंगे, फिर इन्फ्लुएंसर मैडम। आप रात को कोशिश कर लीजिएगा।"
और इस तरह भौकालगुरु का महाकुंभ यात्रा जैसे तैसे पूरी हुयी। अगली बार उन्होंने ठान लिया—महाकुंभ तभी जाएंगे जब वीआईपी पास मिलेगा।
( यह एक व्यंग्य है, कृपया इसे राजनीतिक रूप से ना लें )



