भारत ने आज एक और बड़ी छलांग लगाते हुए स्वदेशी हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। यह मिसाइल ध्वनि की गति से कई गुना तेज है और कुछ ही मिनटों में हजारों किलोमीटर दूर तक लक्ष्य को भेद सकती है। इस ऐतिहासिक परीक्षण के बाद भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हो गया है, जिनके पास यह अत्याधुनिक तकनीक है।
मिसाइल की रफ्तार और सटीकता की खबर सुनकर पड़ोसी देशों के रक्षा विशेषज्ञ गहरे चिंतन में चले गए हैं। एक पड़ोसी देश के प्रवक्ता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "हम तो अभी पुरानी मिसाइलों का तेल बदलने में ही व्यस्त थे, और ये लोग हाइपरसोनिक लेकर आ गए!"
भारत के इस कदम की सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा हो रही है। एक यूजर ने लिखा, "ये मिसाइल नहीं, भारत का 'हाइपरसोनिक' जवाब है उन सभी को जो सोचते थे कि हम केवल क्रिकेट में तेज गेंदबाज ही बना सकते हैं।"
पड़ोसी देश के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, "हमारे पास भी कुछ बड़ा करने की योजना है, लेकिन फिलहाल हम ये तय कर रहे हैं कि इसे कैसे छुपाया जाए।"
भारतीय रक्षा वैज्ञानिकों ने इस उपलब्धि को 'मेक इन इंडिया' का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह परीक्षण आत्मरक्षा को और मजबूत करेगा और किसी भी बाहरी खतरे का जवाब देने में सक्षम है।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी इस उपलब्धि की तारीफ हो रही है। कई देशों ने इसे तकनीकी उत्कृष्टता का प्रतीक कहा, जबकि कुछ देशों ने भारत से सवाल किया, "आप इतना तेज क्यों भाग रहे हैं?"
अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि भारत के इस ऐतिहासिक कदम के बाद पड़ोसी देश क्या जवाब देते हैं।
भौकालगुरु कह रहे थे की हाइपरसोनिक मिसाईल पर निम्बू मिर्ची या काला टिका लगाने की व्यवस्था होनी चाहिए, पड़ोसीयों के नजर में दोष है!
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