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जब प्यार का द एंड पकड़ौआ मंडप में हो और टीचर की 'क्लास' शादी के 'पिरियड' में लगाई जाए

बेगूसराय से आई इस अनोखी खबर ने फिर साबित कर दिया कि बिहार में प्यार और शादी के बीच "पकड़ौआ मंडप" का बड़ा रोल है। कहानी शुरू होती है एक बीपीएससी पास प्लस-टू टीचर से, जिसने चार साल त...

जब प्यार का द एंड पकड़ौआ मंडप में हो और टीचर की 'क्लास' शादी के 'पिरियड' में लगाई जाए

बेगूसराय से आई इस अनोखी खबर ने फिर साबित कर दिया कि बिहार में प्यार और शादी के बीच "पकड़ौआ मंडप" का बड़ा रोल है। कहानी शुरू होती है एक बीपीएससी पास प्लस-टू टीचर से, जिसने चार साल तक गर्लफ्रेंड के साथ प्यार की क्लास तो लगाई, लेकिन नौकरी लगते ही "शादी के चैप्टर" से किनारा कर लिया। गर्लफ्रेंड ने पहले प्यार, फिर शादी का दावा किया, लेकिन टीचर साहब को यह सब मंजूर नहीं था।

परिवार वालों ने कहानी में ट्विस्ट लाते हुए कटिहार से टीचर को पकड़कर मंदिर में पहुंचा दिया। वहां सिंदूर और सात फेरों की स्क्रिप्ट पूरी की गई। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे दूल्हा बनने की खुशी चेहरे पर गायब थी, और रस्में पूरी कराने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि शादी के बाद टीचर ने बहाने से कूदकर भागने की कोशिश की, लेकिन लड़की अपने परिवार के साथ उनके घर पहुंच गई, जहां से उसे यह कहकर भगा दिया गया कि "हमारा बेटा टीचर है, स्टूडेंट नहीं जो आपकी प्रैक्टिकल कॉपी में फंस जाए।"

टीचर का दावा है कि यह शादी जबरन कराई गई और सारे आरोप झूठे हैं। उन्होंने कहा कि वह स्कूल जा रहे थे, जब कुछ लोगों ने स्कॉर्पियो से पकड़ लिया और मंदिर ले जाकर शादी करवाई। इस कहानी का क्लाइमेक्स न सिर्फ चौंकाने वाला है बल्कि यह भी बताता है कि बिहार में सिर्फ सरकारी नौकरी पास करना काफी नहीं, रिश्तों के इम्तिहान में भी पास होना जरूरी है। वरना स्कॉर्पियो और मंदिर का सेटअप हर वक्त तैयार है।

यह घटना हमें सिखाती है कि प्यार में नौकरी का इशू हो, तो दिल से ज्यादा दिमाग का इस्तेमाल करें। वरना जॉइनिंग लेटर के साथ पकड़ौआ मंडप का न्यौता भी तैयार रहता है।