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दिल्ली की DTC बसें: सड़क किनारे ब्रेकडाउन के बाद ऐसे खड़ी होती हैं, मानो कह रही हों - "अब बस!"

दिल्ली की सड़कों पर डीटीसी बसें इन दिनों यात्रियों को कम, और ट्रैफिक को ज्यादा प्रभावित कर रही हैं। आए दिन किसी न किसी बस का ब्रेकडाउन होना अब राजधानी की "नई परंपरा" बन चुका है। सड...

दिल्ली की DTC बसें: सड़क किनारे ब्रेकडाउन के बाद ऐसे खड़ी होती हैं, मानो कह रही हों - "अब बस!"

दिल्ली की सड़कों पर डीटीसी बसें इन दिनों यात्रियों को कम, और ट्रैफिक को ज्यादा प्रभावित कर रही हैं। आए दिन किसी न किसी बस का ब्रेकडाउन होना अब राजधानी की "नई परंपरा" बन चुका है। सड़क किनारे खड़ी ये बसें अपने "थके हुए शरीर" के साथ मानो कह रही हों, "भाई, अब मुझसे और नहीं होगा।"

एक यात्री ने बताया, "हम तो टाइम से बस स्टॉप पहुंचे थे, लेकिन बस ने बीच रास्ते में ही रुककर हमारी मंजिल को अलविदा कह दिया। मजबूरी में ऑटो लेना पड़ा, लेकिन किराया सुनकर ऐसा लगा जैसे ऑटोवाला बस के इंजन का बदला ले रहा हो।"

डीटीसी बसों के ब्रेकडाउन ने सड़क किनारे चायवालों और पंक्चर वालों के लिए नया रोजगार खोल दिया है। हर ब्रेकडाउन पर आस-पास की दुकानें "ब्रेकडाउन स्पॉट" पर पहुंचकर अपनी सेवा देने में जुट जाती हैं।

सोशल मीडिया पर भी इन बसों के मीम्स की बाढ़ आई हुई है। एक मीम में एक बस को सड़क पर खड़े-खड़े धुआं छोड़ते दिखाया गया, जिसके नीचे लिखा था, "दिल्ली की DTC बस: अब मैं सिर्फ स्मोक सिग्नल भेजूंगी।"

अधिकारियों का कहना है कि पुरानी बसों को जल्द बदला जाएगा, लेकिन यात्रियों का मानना है कि ये बयान पिछले कई सालों से "रिपीट मोड" पर चल रहा है।

अब सवाल यह है कि दिल्ली की ये बसें कब अपनी "सड़क किनारे आराम" की आदत से बाहर निकलेंगी, या फिर ये यात्रियों को पैदल चलने के फायदे समझाने का नया मिशन लेकर आई हैं।

Photo: Google
( व्यंग्य )